गोतरा पंचायत की अबैध रेत खदान संचालन के बिरोध मे लामबंद हुए भदौरा एवं ेगोतरा क ग्रामीण जन

प्रधान संपादक नीरज तिवारी 

गोतरा की रेलवे भूमि भी रेत माफियाओं के कब्जे मे, गोपद नदी पर स्थित रेलवे पुल के नीचे से किया जा रहा करोड़ों की रेत का अवैध उत्खनन

द यूथ नेशन@ कुसमी/गोतरा : प्रदेश की निवर्तमान शिवराज सरकार ने अपने कार्यकाल में नई रेत नीति लागू कर उपभोक्ताओं को पंचायत के माध्यम से सस्ती दर पर रेत उपलब्ध करवाकर कलाबाजारी खत्म करने हेतु लागू की थी, वह तो पूरी ना हो सकी लेकिन रेत नीति के ठीक उलट सीधी जिले के आदिवासी विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत गोतरा मे संचालित रेत खदान की आड़ में माफियाओं ने बेखौफ होकर एक कदम बढ़ते हुए है गोदारा पंचायत की रेत खदान पर कब्जा जमा लिया है पंचायत का तो सिर्फ नाम मात्र है, खदान का संचालन पूरी तरह दबंगों द्वारा किया जाता है, उक्त रेत खदान में शासन के सभी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, नदी से रेत निकालने का काम पोकलेन मशीन द्वारा किया जाता है जो कि (एनजीटी) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा बनाए गए नियमों के विपरीत है। एनजीटी द्वारा नदी से रेत उत्खनन हेतु बनाई गई गाइड लाइन में नदी से सिर्फ 3 फीट की गहराई तक ही रेत निकाली जा सकती है श्रमिकों के माध्यम से न कि मशीनों से, किन्तु गोतरा पंचायत की रेत खदान में पोकलेन मशीन से नदी मे बड़े बड़े खाई नुमा गढ्ढे कर दिए गए हैं जिससे जल मे रहने वाले जीव-जंतु का जीवन संकट में पड़ गया है किन्तु शासन प्रशासन सब कुछ देखते हुए भी अनजान एवं मूकदर्शक बना हुआ है।

गोतरा रेत खदान के फर्जी संचालन मे एक और बडा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें खदान से लगी गोपदनदी पर स्थित गोतरा रेलवे पुल के निचले हिस्से की भूमि से व्यापक पैमाने में मशीन द्वारा रेत का अबैध उत्खनन किया जाना पाया गया, जो एक गंभीर अपराध है,रेल प्रशासन के आला अधिकारियों की माने तो रेलवे भूमि से बगैर रेलवे की अनुमति एक पत्थर भी नहीं उठाया जा सकता, फिर इतनी बड़े पैमाने पर गोतरा पंचायत की रेत खदान का संचालक कई माह से रेलवे भूमि से हजारों ट्रक रेत का अवैध उत्खनन किसकी अनुमति से किया गया,इस बडे खुलासे के बाद स्थानीय रेलवे प्रशासन मे हड़कंप मच गया है वहीं दूसरी ओर रेल प्रबधन की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

बताते चले कि कुसमी सीधी मुख्य मार्ग पर स्थित भदौरा रेलवे स्टेशन से लगे दर्जनभर गांवों के यात्रियों को रेल यातायात की सुविधा का लाभ लेने के लिए सिर्फ इकलौता रेलवे स्टेशन भदौरा ही है। जिसमें अभी मात्र चोपन कटनी फास्ट पैसेंजर का संचालन की हो रहा है पिछले कई वर्षों से भदौरा गोतरा महखोर अंचल के क्षेत्रीयजनो ने चोपन कटनी मार्ग पर संचालित हो रही जबलपुर सिंगरौली इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज हेतु सीधी सांसद श्रीमती रीति पाठक को ज्ञापन भी दिया गया है जिस पर सांसद महोदय और रेल प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि आपकी माँग पूरी की जाएगी, किंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में काफी रोस व्याप्त है अत: इसी कड़ी में भदौरा निवासी आनंद सिंह की अगुवाई में पूरे क्षेत्र के लोग लामबंद होकर ने सामूहिक रूप से रेल महाप्रबंधक जोन जबलपुर एवं कलेक्टर सीधी को ज्ञापन देते हुए कहा है कि 28/02/2019 तक यदि हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो भदौरा रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही रेल प्रशासन की होगी।

उक्त रेत खदान मे गोतरा रेलवे की भूमि से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कार्य चाहे जिसके इशारे पर किया जा रहा हो, लेकिन एक बात तो तय है कि, रेत माफिया के रसूख के आगे रेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन दोनों नतमस्तक दिख रहे हैं, यह जांच के उपरांत ही स्पष्ट हो पाएगा।

 

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