उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी का लंबी बीमारी के बाद निधन

द यूथ नेसन-कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी का गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। भारतीय राजनीति में एनडी तिवारी का एक बड़ा कद था। उनके निधन से राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। तिवारी उत्तर प्रदेश के दो बार और एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। तिवारी की सार्वजनिक रूप से अंतिम सक्रियता आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में रही। साल 2007 में उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। विवादों में आने के बाद उन्हें आंध्र प्रदेश के राज्यपाल पद से हटना पड़ा था।

एनडी तिवारी ने अपने राजनीतिक जीवन में कई उलब्धियां हासिल कीं। हालांकि, उनका विवादों से भी नाता रहा। तिवारी की पहचान एक कांग्रेसी नेता के रूप में रही है लेकिन एक ऐसा समय भी आया जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर 1995 में ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस के नाम से पार्टी बनाई। लेकिन कांग्रेस से उनकी यह दूरी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और दो साल बाद ही वह दोबारा कांग्रेस में वापस आ गए। आइए जानते हैं एनडी तिवारी के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य-

एनडी तिवारी का जन्म नैनीताल जिले के बलूटी गांव में एक जमींदार परिवार में 18 अक्टूबर 1925 को हुआ। तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे। तिवारी के पिता असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर अपनी नौकरी छोड़ दी।

एनडी तिवारी ने अपनी पढ़ाई हल्द्वानी, बरेली और नैनीताल के स्कूलों से की। साल 1942 में एनडी तिवारी ने अपने एक लेख में ब्रिटिश नीतियों की आलोचना की। इसके लिए उन्हें गिरफ्तार कर नैनीताल जेल भेजा गया। इस जेल में तिवारी के पिता भी बंद थे।

तिवारी को नैनीताल जेल में 15 महीने बिताने पड़े। तिवारी को जेल से 1944 में रिहा किया गया। इसके बाद तिवारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय चले गए। यहां वह छात्र राजनीति की तरफ झुके। बाद में उन्हें इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ का अध्यक्ष चुना गया।

तिवारी 1945 से 1949 तक अखिल भारतीय छात्र कांग्रेस के सचिव भी रहे। 1990 के दशक में तिवारी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। लोकसभा चुनाव में महज 800 वोटों से हार जाने के कारण वह पीएम नहीं बन पाए। कांग्रेस ने पीएम पद के लिए नरसिम्हा राव का नाम आगे किया।

एनडी तिवारी ने 14 मई 2014 को 89 साल की उम्र में रोहित तिवारी की मां उज्जवला तिवारी से शादी की। रोहित तिवारी एनडी तिवारी के जैविक पुत्र हैं।

एनडी तिवारी ने जनवरी 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन किया। तिवारी का यह समर्थन भाजपा के विकास कार्यों के लिए था। 20 सितंबर 2017 को तिवारी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ। इसके बाद से वह बीमार रहने लगे।

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