नादिया मुराद ने जीता शांति का नोबेल, बेहोश होने तक जिससे ISIS के आतंकी करते थे रेप

ओस्लो : इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार किसे मिलेगा, इस पर सभी की निगाहें थीं. इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार यजीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद को विश्वभर के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में यौन हिंसा के खिलाफ काम करने के लिए चुना गया. उनके साथ साथ कांगो के चिकित्सक डेनिस मुकवेगे को भी शांति का नोबेल सम्मान दिया जाएगा. लेकिन नादिया मुराद की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा है. उन्होंने जिन हालात का सामना किया, वह किसी को भी तोड़ने के लिए काफी था, लेकिन नादिया मुराद ने मुश्किल हालातों का रुख मोड़कर अपने लिए रास्ता बनाया. नादिया ईराक की पहली नागरिक हैं, जिन्हें ये सम्मान दिया जाएगा.